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Sof Ke Fayde

सौंफ है सेहत का खजाना , सौंफ के  फायदे , Sof Ke Fayde , Fennel Seeds Benefits

सौंफ के छोटे-छोटे दानों में इतने औषधीय तत्व छिपे हैं कि आप जानकर यकीन नहीं कर पाएंगे. पेट संबन्धी परेशानियों के लिए सौंफ रामबाण औषधि की तरह काम करती है. 

सौंफ के दाने देखने में बेशक छोटे होते हैं, लेकिन इन छोटे-छोटे दानों में इतने औषधीय तत्व छिपे हैं कि आप जानकर यकीन नहीं कर पाएंगे. सौंफ में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम, विटामिन ए और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. पेट संबन्धी परेशानियों के लिए सौंफ रामबाण औषधि की तरह काम करती है. यहां जानिए सौंफ के तमाम फायदों के बारे में.

सौंफ क्या है - 
सौंफ (fennel seeds in hindi) का उपयोग प्राचीन काल से मुंह को शुद्ध (Mouth Freshner) करने और घरेलू औषधि के रूप में होता आ रहा है। इसका पौधा लगभग एक मीटर ऊंचा तथा सुगन्धित होता है। इसके पत्तों का प्रयोग सब्जी के रूप में भी किया जाता है। भूमध्यसागरीय इलाके में सौंफ जैसा ही एक पौधा (fennel in hindi) पाया जाता है जिसे एनीसीड (aniseed) कहते हैं। इसका उपयोग इटालवी भोजन में किया जाता है।

सौंफ है सेहत का खजाना , सौंफ के  फायदे , Sof Ke Fayde , Fennel Seeds Benefits 
पेट की गैस की परेशानी में 
1-2 ग्राम सौंफ की जड़ के चूर्ण का सेवन करने से कब्ज में लाभ होता है। सौंफ के बीज का काढ़ा बना लें। इसे 5-10 मिली मात्रा में भोजन के प्रत्येक ग्रास के साथ छोटे बच्चों को पिलाने से बच्चों का कब्ज ठीक होता है। आयु के अनुसार मात्रा में सौंफ के बीजों की चटनी का सेवन करने से डकार और पेट की गैस की समस्या ठीक होती है। 

खाँसी में लाभ
अंजीर के साथ सौंफ का सेवन करने से सूखी खाँसी, गले की सूजन से राहत जल्दी मिलती है। बस सेवन की मात्रा सही होनी चाहिए। 
मुँह के रोग में 
सौंफ का काढ़ा बनाकर उसमें फिटकरी मिलाकर गरारा करने से मुँह के छालों में लाभ होता है। सौंफ में बराबर मिश्री मिलाकर सेवन करने से मुँह से बदबू आने की परेशानी ठीक होती है।

हकलाने में
15-30 मिली सौंफ काढ़ा में मिश्री तथा गाय का दूध मिलाकर पिएं। इससे हकलाना की परेशानी कम होती है।

सिरदर्द से आराम 
सौंफ को पानी के साथ पीसकर ललाट पर लगाने से सिरदर्द से आराम मिलती है। सौंफ खाने से सिरदर्द से आराम मिलता है।

आँखों के रोग में 
सौंफ के पत्ते के रस में रूई को भिगोकर आँखों पर रखें। इससे आँखों की जलन, दर्द तथा लालिमा की परेशानी ठीक होती है।
1-2 ग्राम सौंफ चूर्ण में 65 मि.ग्रा. खसखस यानी पोस्त के दानों का चूर्ण मिला लें। इसे नियमित सेवन करने से आँखों के रोग ठीक होते हैं तथा आँखों की रोशनी बढ़ती है। सौंफ खाने से आँख के रोग में फायदा मिलता है।
2-4 ग्राम सौंफ चूर्ण में बराबर भाग खाँड मिलाकर सेवन करें। इससे मानसिक रोग तथा गाय के दूध के साथ सेवन करने से आँख के रोग ठीक होते हैं। 
सौंफ है सेहत का खजाना , सौंफ के  फायदे , Sof Ke Fayde , Fennel Seeds Benefits
 
जुकाम में फायदा 
15-30 मिली सौंफ (sof) के काढ़ा या सौंफ का पानी पीने के फायदे से जुकाम में लाभ होता है। 

भूख की कमी को ठीक करता है 
बराबर-बराबर भाग में सौंफ (aniseed in hindi), बिडंग, बनायं तथा काली मिर्च का चूर्ण लें। इसे 2-5 ग्राम की मात्रा में गुनगुने जल के साथ सेवन करने से भूख बढ़ती है।
कब्ज में फायदेमंद 
1-2 ग्राम सौंफ (sof) की जड़ के चूर्ण का सेवन करने से कब्ज में लाभ होता है।
सौंफ के बीज के काढ़ा को 5-10 मिली मात्रा में भोजन के प्रत्येक ग्रास के साथ छोटे बच्चों को पिलाने से बच्चों का कब्ज ठीक होता है।

पेचिश में फायदेमंद 
बराबर-बराबर भाग में बेल, नागरमोथा, सौंफ तथा स्थलपद्म के काढ़ा (10-30 मिली) में मिश्री मिलाएं। इसे पीने से आँवयुक्त पेचिश और खूनी पेचिश में लाभ होता है।
गेहूँ के आटे में सौंफ मिलाकर उसकी बाटियाँ बनाकर अंगारों पर सेंकें। पकने के बाद उसे कूटकर मिश्री तथा घी मिलाकर सेवन करने से आँवयुक्त पेचिश के दर्द में आराम मिलता है।
चार भाग सौंफ  चूर्ण में एक भाग इलायची चूर्ण तथा पाँच भाग मिश्री चूर्ण मिला लें। इसे  उपयुक्त मात्रा में सेवन करने से पेचिश में शीघ्र लाभ होता है।
सौंफ बीज काढ़ा 25-50 मिली में मधु मिलाकर नियमित भोजनोपरांत सेवन करें। इससे अपच, एसिडिटी, गैस, कब्ज, प्यास, बुखार तथा पेशाब की कमी आदि रोग ठीक होते हैं।
3-6 ग्राम बीजों को चबाने से या बीज चूर्ण का सेवन करने से पेट में मरोड़, उल्टी, पेट के कीड़े की परेशानी आदि में लाभ होता है।
2 ग्राम भुनी हुई सौंफ में 2 ग्राम बिना भुनी सौंफ तथा 4 ग्राम मिश्री मिलाकर सेवन करने से पेचिश ठीक होता है।
5-10 मिली सौंफ के पत्तों के रस का सेवन करने से पेचिश में लाभ होता है।
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अधिक नींद आने की समस्या 
10-30 मिली सौंफ काढ़ा में नमक मिलाकर पीने से अधिक नींद आने की परेशानी ठीक होती है।
10-30 मिली सौंफ के काढ़ा में 100 मिली गाय का दूध तथा घी मिलाकर पिलाने से नींद अच्छी आती है।
 
मोटापा घटाने में 
6-12 ग्राम शतपुष्पादि घी को गुनगुने दूध अथवा जल के साथ सेवन करें। इससे वात, पित्त, मेद, मूत्र रोग में फायदा होता है। इसके साथ ही मोटापा (saunf benefits for weight loss in hindi), फाइलेरिया (हाथीपाँव) तथा लीवर और तिल्ली की वृद्धि जैसी बीमारी में लाभ होता है।

याददाश्त बढ़ाने में 
सौंफ में बल्य गुण पाया जाता है जो शरीर, मस्तिष्क एवं मस्तिष्क की नसों को बल प्रदान करता है जो कि याददाश्त को बढ़ाने में भी मदद करता है।  

 मूत्र रोग का इलाज
सौंफ के पत्तों का रस 5 मिली का सेवन करने से मूत्राशय की सूजन ठीक होती है।
सौंफ (fennel meaning in hindi) के फलों को पीसकर शर्बत बनाकर पीने से पेशाब की जलन शांत होती है।
मासिक धर्म विकार में 
सौंफ के बीज के 10-20 मिली काढ़ा में मधु मिलाएं। इसे नियमित सेवन करने से मासिक धर्म विकार जैसे- समय पर मासिक धर्म का ना आना, मासिक धर्म के समय दर्द होना और बांझपन आदि में लाभ होता है।

गठिया का इलाज  
सौंफ (fennel meaning in hindi), वच, सहिजन, गोक्षुर, वरुण, सहदेवी, वर्षाभू, शटी, गंधप्रसारिणी, अग्निमंथ फल तथा हींग की बराबर मात्रा लें। इसे कांजी से पीसकर, थोड़ा गरम करके लेप करें। इससे गठिया रोग में दर्द और सूजन दोनों ही ठीक (benefits of saunf) होते हैं।

मुँहासे में 
सौंफ को पीसकर मुंह पर लगाने से मुँहासे ठीक होते हैं, चेहरे की चमक बढ़ती है और रंग निखरता है। सौंफ त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

शरीर दर्द में सौंफ
5-10 मिली सौंफ पत्तों के रस को पीने से पूरे शरीर का दर्द ठीक होता है।

हृदय रोग में 
एक रिसर्च के अनुसार सौंफ की पत्तियां ह्रदय के लिए हितकर कहे गए हैं। ऐसे में सौंफ की चाय ह्रदय को स्वस्थ रखने में सहयोगी होती है।  

 त्वचा के लिए फायदेमंद 
एक रिसर्च के अनुसार सौंफ के बीज त्वचा के लिए भी बहुत उपयोगी बताये गए हैं जो झुर्रियां आदि को रोकने में मदद करती है।  

 रक्त को शुद्ध करने में 
एक रिसर्च के अनुसार सौंफ रक्त शोधक का कार्य भी बहुत अच्छे से करती है। यह मूत्र की प्रवृत्ति को बढ़ाते हुए शरीर से सभी विषैले पदार्थों को बाहर निकाल फेंकने में मदद करते हैं।   सौंफ है सेहत का खजाना , सौंफ के  फायदे , Sof Ke Fayde , Fennel Seeds Benefits

गुर्दे की पथरी रोकने में फायदेमंद 
गुर्दे की पथरी को रोकने में सहायक है क्योंकि एक रिसर्च के अनुसार फेनल मेंएंटीयूरोलिथियासिस का गुण पाया जाता है।  

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